सूरदास (Surdas) **सूरदास का जीवन परिचय** हिंदी साहित्य के सूर्य माने जाने वाले तथा कृष्ण भक्ति शाखा के प्रतिनिधि कवि सूरदास का जन्म 1478 ईस्वी में हुआ था। इनके पिता का नाम पंडित राम दास सारस्वत तथा आगरा के निकट रुनकता गांव में जन्मे सूरदास वात्सल्य के क्षेत्र में विश्व साहित्य में सर्वश्रेष्ठ माने जाते हैं। कुछ लोग कहते हैं कि सूरदास जी जन्म से अंधे थे। कुछ का यह मानना है कि वे जन्म से अंधे नहीं थे, वे कहते हैं कि प्रकृति का बाल मनोविकृतिओं का और मानव स्वभाव का जैसा सुंदर संजीव सूक्ष्म एवं मनोहारी वर्णन सूरदास ने किया है। वैसा कोई जन्मांध व्यक्ति कभी नहीं कर सकता संत कबीर दास को बचपन से ही पद एवं काव्य लिखने का बहुत ही शौक थाएक बार यह गाय को चराते हुए हुए पद की व्याख्या कर रहे थे तभी वहां आ रहे वल्लभाचार्य ने उनके पद को सुना और महाप्रभु वल्लभाचार्य ने भक्त सूरदास को गोवर्धन पर्वत पर स्थित शिव मंदिर में अपने आराध्य श्री नाथ की सेवा में कीर्तन करने के लिए नियुक्त किया और कुछ समय तक संत सूरदास जी ने गोवर्धन पर्वत पर ही कीर्तन किया अपने 105 वर्ष सुदीर्घ जीवन काल में सवा ल...
संत कबीर दास (Sant Kabir Das) ***संत कबीर दास का जीवन परिचय*** संत कबीरदास का जन्म पूर्णिमा सोमवार 1398 ईसवी को माना जाता है। इनका जन्म कुछ इस प्रकार से हैं। '' चौदह सौ पचपन साल गए ,चंद्रबार एक ठाठ ठए। '' " जेठ सुदी बरसात को ,पुनर्वासी प्रकट करें।" हालांकि कुछ अन्य विद्वान जैसे श्यामसुंदर, दास हजारी प्रसाद द्विवेदी, रामचंद्र शुक्ल आदि 1456 ईसवी को ही कबीर का जन्म स्वीकार करते हैं (मानते हैं) एक जनश्रुति के अनुसार इनका जन्म हिंदू परिवार में हुआ था इनकी माता विधवा ब्राह्मणी ने लोक लाज के भय से इन्हें काशी के लहरतारा नामक स्थान पर एक तालाब के किनारे छोड़ दिया थी।। जहां से नीरू नामक एक जुलाहा एवं उसकी पत्नी नीमा निसंतान होने के कारण इन्हें उठा ले जाते हैं। कबीर का कथन है। "काशी में हम परगट भाई रामानंद चेताये।" इससे इनके जन्म स्थान और गुरु का पता चलता है। इनकी पत्नी का नाम लोई था। तथा पुत्र कमाल एवं पुत्री कमाली थी। मस्त मौला एवं निर्भीक प्रवृत्ति के कबीर व्यापक देशाटन एवं अनेक साधु-संतों के संपर्क में आने के कारण बड़े ही सारग्राही एवं प्रतिभाशाली...
सुमित्रानंदन पंत का जीवन परिचय Sumitranandan Pant's life introduction . जीवन परिचय ---- सुमित्रानंदन पंत का जन्म अल्मोड़ा जिले के कौसानी ग्राम में 14 मई 1900 में हुआ था। इनके पिता का नाम पंडित गंगा दत्त पंथ था। इन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा गांव में ही प्रारंभ की तथा इन्होंने अल्मोड़ा ,काशी, और प्रयाग में भी शिक्षा प्राप्त की। Life Introduction ---- Sumitranandan Pant was born on 14 May 1900 in Kausani village of Almora district. His father's name was Pandit Ganga Dutt Panth. He started his primary education in the village itself and he also got education in Almora, Kashi and Prayag. सुमित्रानंदन पंत बंगला ,अंग्रेजी ,एवं संस्कृत के अच्छे ज्ञाता थे। इनकी रचनाओं पर स्वामी रामतीर्थ, विवेकानंद, रविंद्र नाथ ठाकुर, अरविंद आदि महापुरुषों के जीवन दर्शन की गहरी छाप पड़ी है। यह बचपन से ही प्रकृति के सुरम्य अंचल में रहने के कारण इनमें प्रकृति के प्रति अटूट आकर्षण है। सुमित्रानंदन पंत अत्यंत ही सुंदर,भावुक एवं सरल हॄदय के व्यक्ति थे। Sumitranandan Pant was a great knowledgeer of Beng...
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